Sunday, September 15, 2024

डीयू एसओएल में स्टडी मटेरियल के लिए छात्रों को घंटों लाइन में खड़े! बड़ी संख्या में छात्रों को अभी भी नहीं मिला मटेरियल!

क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) स्टडी मटेरियल के वितरण में भारी कुप्रबंधन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) प्रशासन की कड़ी भर्त्सना करता है। यह ध्यान दिया जाए कि प्रथम वर्ष के छात्रों को अभी तक उनका स्टडी मटेरियल नहीं मिला है जो यूजीसी नियमों का घोर उल्लंघन है। हर दिन, हजारों छात्रों को अपने स्टडी मटेरियल के लिए एसओएल केंद्रों के बाहर लाइन में...

Friday, February 24, 2023

डीयू के एसओएल छात्रों द्वारा भारत की महामहिम राष्ट्रपति तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की विजिटर को खुला पत्र

प्रति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारत की महामहिम राष्ट्रपति, औरविजिटरदिल्ली विश्वविद्यालय दिनांक: 24.02.2023 महोदया,हमें पता चला है कि आप 25.02.2023 को होने जा रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के 99वें दीक्षांत समारोह में आ रही हैं। हम इस अवसर पर आपका स्वागत करते हैं और आपको डीयू में पढ़ने वाले अधिकांश छात्रों की स्थिति से अवगत कराना चाहते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय का 100 साल का गौरवशाली इतिहास है, और डीयू प्रशासन विभिन्न प्रकार से इस अवसर का जश्न मना रहा है।...

Open Letter to the President of India, Visitor of Delhi University by DU’s SOL students

  ToSmt. Droupadi MurmuHon’ble President of India, andVisitorUniversity of DelhiDate: 24.02.2023Hon’ble Madam,We have learned that you are coming to Delhi University at its 99th convocation event going to be held on 25.02.2023. We welcome you to the occasion and take the opportunity to apprise you of the condition of the majority of the students who are studying...

Wednesday, August 10, 2022

कौन आजाद हुआ?: शिक्षा पर एक नजर

आजादी सीरीज: शिक्षा पर एक नजर!...

Thursday, July 14, 2022

श्रीलंकाई जनता के जनविरोधी सरकार के खिलाफ संघर्ष के समर्थन में कथन

जनविरोधी सरकार के खिलाफ श्रीलंकाई जनता का संघर्ष जिंदाबाद!दमन, शोषण और साम्राज्यवाद के खिलाफ हमारी एकजुटता जिंदाबाद!! समुंदर से घिरा हुआ हमारा पड़ोसी देश श्रीलंका में लंबे समय से आर्थिक संकट पनप रहा था। आखिर, जनता के सब्र का बांध टूट गया, और श्रीलंका की सड़कों पर व्यापक जन-सैलाब उमड़ पड़ा है, जिसने शासकीय व्यवस्था की वैधता पर ही सवालिया चिन्ह लगा दिया है। बीते दशक से ज्यादा...